गाजियाबाद में तीन सगी बहनों की मौत से सनसनी, कमरे से मिली निजी डायरी ने खोले कई राज
गाजियाबाद - भारत सिटी सोसाइटी में रहने वाली तीन नाबालिग बहनों की संदिग्ध हालात में मौत के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। 12, 14 और 16 वर्ष की ये तीनों बहनें एक ही परिवार की थीं। घटना के बाद पुलिस को उनके कमरे से एक निजी डायरी मिली है, जिसने जांच को एक नई दिशा दे दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, डायरी में लिखी बातों से संकेत मिलता है कि तीनों बहनें एक खास विदेशी पॉप संस्कृति से अत्यधिक जुड़ाव महसूस कर रही थीं और उसी पहचान को अपना जीवन मानने लगी थीं। डायरी में भावनात्मक उलझन, पारिवारिक असहमति और पहचान को लेकर गहरा संघर्ष झलकता है।
डायरी के पन्नों में बहनों ने अपने विचारों, पसंद-नापसंद और परिवार से दूरी की भावना को व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा है कि उन्हें अपनी पसंद को लेकर लगातार दबाव महसूस हो रहा था और भविष्य, पढ़ाई व विवाह जैसे विषय उन्हें मानसिक तनाव दे रहे थे। पुलिस का कहना है कि ये बातें किसी भी तरह की मानसिक परेशानी की ओर इशारा करती हैं।
परिजनों के मुताबिक, घटना वाली रात घर में सामान्य माहौल था। देर रात मोबाइल फोन को लेकर बातचीत हुई थी, जिसके बाद सभी अपने कमरे में चले गए। कुछ समय बाद जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। दरवाजा खोले जाने पर तीनों बहनों की हालत देखकर परिवार सदमे में चला गया।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि डायरी, डिजिटल गतिविधियों और पारिवारिक बयान—तीनों को जांच का हिस्सा बनाया गया है, ताकि यह समझा जा सके कि बच्चों पर किस तरह का मानसिक दबाव था।
यह घटना एक बार फिर नाबालिगों के मानसिक स्वास्थ्य, सोशल मीडिया और सांस्कृतिक प्रभावों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।

















