लखनऊ में यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन को लेकर सियासी हलचल, विधायक पल्लवी पटेल पुलिस हिरासत में
लखनऊ- राजधानी लखनऊ में सोमवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब अपना दल (कमेरावादी) की विधायक पल्लवी पटेल यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 के समर्थन में पैदल मार्च निकालते हुए विधानसभा की ओर बढ़ रही थीं। मार्च के दौरान आईटीएम चौराहे से आगे बढ़ते काफिले को रिजर्व पुलिस लाइन के पास पुलिस ने रोक लिया, जिसके बाद हालात बिगड़ गए।
पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को पार करने की कोशिश में विधायक और सुरक्षाकर्मियों के बीच कहासुनी बढ़ गई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गई। विरोध जताते हुए पल्लवी पटेल सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
‘यह आंदोलन नहीं, जनता की आवाज है’
धरने के दौरान पल्लवी पटेल ने कहा कि यह कोई राजनीतिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि आम जनता और छात्रों से जुड़े मुद्दे को उठाने की कोशिश है। उन्होंने सवाल किया कि जब यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और संसदीय समिति की सिफारिशों के बाद तैयार किया गया था, तो फिर समाज के एक वर्ग के विरोध के आधार पर इसे अचानक प्रतिबंधित क्यों किया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी कानून में खामियां होती हैं, तो उन्हें सुधार के जरिए ठीक किया जा सकता है। उन्होंने जीएसटी, नोटबंदी और धारा 370 जैसे फैसलों का उदाहरण देते हुए कहा कि वे भी बिना देरी के लागू किए गए थे, फिर इस रेगुलेशन के मामले में अलग रवैया क्यों अपनाया जा रहा है।
पुलिस ने कार्यकर्ताओं को लिया हिरासत में
काफी देर तक पुलिस अधिकारियों ने विधायक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह सड़क से हटने को तैयार नहीं हुईं। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। हालांकि पल्लवी पटेल स्वयं सड़क पर बैठी रहीं और पुलिस वाहन में बैठने से इनकार कर दिया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। लंबे प्रयासों के बाद पुलिस ने पल्लवी पटेल समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया।
यातायात प्रभावित, आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
घटना के चलते आईटी चौराहा और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन को लागू नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

















