जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश का कहर: फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित, अमरनाथ यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई इलाकों में सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राजौरी, पुंछ, रियासी और जम्मू संभाग के अन्य क्षेत्रों में अचानक आई फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के कारण व्यापक नुकसान की खबरें सामने आई हैं। कई मकानों को क्षति पहुंची है, कुछ वाहन तेज बहाव में बह गए हैं और कई प्रमुख सड़कें मलबे से बंद हो गई हैं। अधिकारियों के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में कई लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
सबसे अधिक असर राजौरी और पुंछ जिलों में देखा गया, जहां रातभर हुई तेज बारिश के बाद नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर अचानक बढ़ गया। कई गांवों का सड़क संपर्क टूट गया, जिससे लोगों को आवाजाही में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर जलभराव और मलबे के कारण बाजार बंद रहे। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपना दिल्ली दौरा बीच में ही समाप्त कर जम्मू लौटने का फैसला किया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। वहीं, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन अमरनाथ यात्रा को फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दिया है। बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर यात्रियों की आवाजाही रोक दी गई है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और मौसम सामान्य होने तक धैर्य बनाए रखें।
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भारतीय मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की चेतावनी भी जारी की गई है। लोगों को नदी-नालों के आसपास जाने से बचने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत कार्य में जुटे हुए हैं। कई स्थानों से लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि बंद सड़कों को दोबारा चालू करने का काम भी तेजी से किया जा रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें, अफवाहों से बचें और मौसम सामान्य होने तक बिना आवश्यकता घरों से बाहर निकलने से परहेज करें।
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