जमीन-मकान खरीदने वालों के लिए नया नियम, बिना PAN नहीं होगी रजिस्ट्री
लखनऊ- उत्तर प्रदेश में अचल संपत्ति की खरीद-फरोख्त को लेकर सरकार ने बड़ा बदलाव लागू किया है। अब राज्य में जमीन, मकान या किसी भी तरह की प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री PAN कार्ड के बिना नहीं हो सकेगी। रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह नया नियम लागू किया गया है।
राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के तहत सभी जिलों के निबंधन कार्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के दौरान खरीदार और विक्रेता—दोनों के PAN नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज और सत्यापित किए जाएं। यदि PAN विवरण उपलब्ध नहीं होगा, तो रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम अवैध लेनदेन, बेनामी संपत्ति खरीद और संदिग्ध निवेश पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है। खासकर सीमावर्ती इलाकों में विदेशी धन के जरिए जमीन खरीदने और गलत निवेश की शिकायतों को देखते हुए सरकार ने निगरानी व्यवस्था को और सख्त किया है।
रजिस्ट्री विभाग अपने डिजिटल सिस्टम में भी आवश्यक बदलाव कर रहा है, जिससे PAN नंबर का ऑनलाइन सत्यापन तुरंत किया जा सके। इससे फर्जी पहचान और गलत दस्तावेजों के आधार पर होने वाली रजिस्ट्री को रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही आयकर से जुड़े मामलों में लेनदेन का रिकॉर्ड मिलान करना भी आसान होगा।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि PAN अनिवार्य होने से प्रॉपर्टी बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और टैक्स चोरी जैसे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। यह नियम पूरे प्रदेश में समान रूप से लागू होगा और सभी रजिस्ट्री कार्यालयों को इसका सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब उत्तर प्रदेश में कोई भी व्यक्ति यदि जमीन या मकान खरीदना चाहता है, तो उसे रजिस्ट्री के समय PAN कार्ड की जानकारी देना अनिवार्य होगा। बिना PAN के प्रॉपर्टी रजिस्ट्री संभव नहीं होगी।

















